Sunita Williams: The Inspiring Story of an Astronaut

 Sunita Williams: The Inspiring Story of an Astronaut

जरा सोचिये कि आपको अन्तरिक्ष में 322 दिन बिताना हो, जहाँ शुन्य gravity force हो और आपको मैराथन दौड़ लगाना हो आप कैसा अनुभव करेंगे ? आपको यह बात आश्चर्यचकित करने वाली जरुर लगेगी लेकिन यह वास्तविकता है कि इस काम को कोई कर चूका है । हम बात कर रहे हैं सुनीता विलियम्स की जो एक प्रेरणादायक महिला के रूप में पुरे विश्व में प्रसिद्ध हैं , जिसने सितारों पर विजय हासिल की है यह सब उन्होंने कैसे किया जानने के लिए ब्लॉग को पूरा पढ़े। यदि यदि आप मेरा ब्लॉग पर पहली bar visit कर रहे हैं तो इसे follow करें। चलिए सुनीता विलियम्स के बारे में और अधिक जानते हैं ।              


        
सुनीता पंड्या विलियम्स का जन्म 19 सितम्बर 1965 को UAS के ओहियो स्थित यूक्लिड में हुआ था । लेकिन उनका मानना है की मैसाचुसेट्स का निधम उनका होमटाउन है और वह एक अमेरिकी नागरिक हैं । उनके पिता का नाम दीपक पंड्या था जो गुजरात के मेहसाणा जिले के झुलासान नामक स्थान पर पैदा हुए थे । उर्सुलाइन बोनी पंड्या उनकी माँ थी जो स्लोवेनियाई मूल की थीं । सुनीता विलियम के एक बड़े भाई और एक बड़ी बहन भी हैं भाई का नाम जे थोमस और बहन का नाम दीना आनंद है । माइकल विलियम्स उनके पति हैं जो एक पायलट हैं और वर्तमान में टेक्सस में एक पुलिस अधिकारी भी हैं । सुनीता और  माइकल सहपाठी थे ।
   

        अगर हम बात करें सुनीता विलियम की पढाई लिखाई की तो उन्होंने 1983 में Needam High School से Schooling किया है और United States Naval Academy join कर हेलीकाप्टर पायलट बन गई । उसके बाद 1987 में Physical science से बैचलर डिग्री प्राप्त की । वर्ष 1995 में उन्होंने Florida Institute Of Technology से engineering management में मास्टर डिग्री पूरी की ।

        अब हम बात करेंगे सुनीता विलियम के मिलिट्री कैरियर की । अपनी education पूरा करने के बाद 1987 में एक अधिकारी के रूप में अमेरिकी नौसेना में शामिल हो गयीं । प्रशिक्षण लेकर हेलीकाप्टर का पायलट बन गयीं । ऑपरेशन डेजर्ट शील्ड और ऑपरेशन प्रोवाइड कम्फर्ट के दौरान उन्हें भूमध्य सागर, लाल सागर, और फारस की खाड़ी में ऑपरेशन सहित कई इम्पोर्टेन्ट मिशनों को सौंपा गया था । सुनीता विलियम ने आपदा राहत के कामों में भी अहम् भूमिका निभाई । 1992 में फ्लोरिडा में आया Andrew तूफ़ान के दौरान राहत कामों में सहायता की । बाद में वह अमेरिकी नौसेना टेस्ट पायलट स्कूल में एक परिक्षण पायलट और प्रशिक्षक बन गईं । नौसेना में अपने कैरीयर के दौरान उन्होंने 30 से ज्यादा अलग-अलग विमानों में 3000 घंटों से अधिक उड़ान भरी । 2017 में नौसेना से सेवानिवृत हुईं ।

        अब हम बात करेंगे सुनीता विलियम्स के NASA में  कैरियर की । 1998 में सुनीता ने जॉनसन स्पेस सेंटर में एक अन्तरिक्ष यात्री के रूप में अपना प्रशिक्षण शुरू किया ।  वह कई अन्तरिक्ष अभियानों में भाग लिया और महिला द्वारा space वाक करने का रिकॉर्ड तोडा । सुनीता विलियम्स तिसरी बार अन्तरिक्ष में गयी हैं । वह 2006 और 2012 अन्तरिक्ष की यात्रा तय कर चुकी हैं । कल्पना चावला के बाद NASA के माध्यम से अन्तरिक्ष में जानेवाली भारतीय मूल की दूसरी महिला है ।

        सुनीता विलियम और उनके सहकर्मी बुच विल्मोर स्पेसएक्स के ड्रैगन अन्तरिक्ष यान से पृथ्वी पर आचुके हैं ।  19 मार्च 2025 को भारतीय समयानुसार 3.27 बजे कैप्सूल ने फ्लोरिडा के तट पर splashdown किया ।  अन्तरिक्ष में कूल 9 महीने रहने के बाद सुनीता विलियम और उनके सहकर्मी 17 घंटे की यात्रा करने के बाद पृथ्वी पर वापस आए । जो कि प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण घटना थी ।  ये दोनों अन्तरिक्ष यात्री एक सप्ताह के लिए अंतर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर जून 2024 में गए थे, लेकिन अन्तरिक्ष यान से हीलियम के रिसाव और वेग में कमी के कारण अन्तरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने तक रुकना पड़ा ।

        इस ब्लॉग में बस इतना ही, सुनीता विलियम ने 9 महीने के अन्दर कौन -कौन सी खोज की इस विषय पर अगला ब्लॉग पढने के लिए हमारे ब्लॉग को follow करें । ब्लॉग पढने और अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद 

 


        

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